Storage Device क्या हैं और विभिन्न प्रकार के स्टोरेज डिवाइस 

स्टोरेज डिवाइस Storage Device हार्डवेयर उपकरणों के अंदर आने वाले वह डिवाइस हैं। जिनका उपयोग किसी डेटा, फ़ाइल, डॉक्यूमेंट आदि को स्टोर करने के लिए किया जाता हैं। जैसे- Movies या Software स्टोर करने के लिए DVD, CD या Hard Disk का उपयोग करना। सामान्यतः इसका उपयोग कंप्यूटर क्षेत्र में किया जाता हैं। 

सामान्य शब्दों में इसके अर्थ को समझें तो वह डिवाइस जिनका उपयोग किसी डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाता हैं। उन्हें ही Storage Device कहा जाता हैं। अगर आपके पास DVD या CD Player हैं और उसका उपयोग आप सीडी या डीवीडी के माध्यम से डेटा को रीड करने के लिए करते हैं। तो वह सीडी या डीवीडी एक स्टोरेज डिवाइस का काम कर रही होती हैं। 

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स्टोरेज डिवाइस को उनके कार्यों की उपयोगिताओं को देखते हुए दो भागों में विभाजित किया जाता हैं। जिन्हें हम इस पोस्ट में आगे जानेंगे। तो चलिए विस्तारपूर्वक सरल शब्दों में जानते हैं कि स्टोरेज डिवाइस क्या हैं और विभिन्न प्रकार के स्टोरेज डिवाइस कौन-कौन से हैं? What is Storage Device in Hindi

स्टोरेज डिवाइस क्या हैं? – What is Storage Device in Hindi

स्टोरेज डिवाइस एक प्रकार के Hardware Device हैं जिनका उपयोग Digital Data और Applications को स्टोर करने के लिए किया जाता हैं। यह ऐसे डिवाइस होते हैं जो छोटी से छोटी फ़ाइल या डेटा से लेकर बड़ी फ़ाइल तक स्टोर कर सकते हैं। स्टोरेज डिवाइस की मुख्य विशेषता यह होती हैं कि यह किसी प्रकार के डेटा को स्थायी और अस्थायी दोनों रूपो में स्टोर कर सकते हैं। 

स्टोरेज डिवाइस को मुख्यतः दो भागों में विभाजित किया जाता हैं- Primary Storage Device और Secondary Storage Device प्राइमरी स्टोरेज डिवाइस में वह डिवाइस आते हैं जो प्राथमिक स्तर पर डेटा को स्टोर करने का कार्य करते हैं। जैसे- RAM, ROM और Cache Memory इसी तरह सेकंडरी स्टोरेज डिवाइस में वह डिवाइस होते हैं जो द्वितीय विकल्प के तौर पर किसी डिजिटल डेटा को स्टोर करने का कार्य करते हैं। जैसे- Hard Disk, Pen Drive, CD, DVD आदि। जिनके विषय में हम आगे विस्तार से जानेंगे। 

यह डिवाइस कंप्यूटर के अहम और महत्वपूर्ण पार्ट होते हैं इन्हीं की सहायता से कंप्यूटर Input, Process और Output की अपनी प्रक्रिया को पूर्ण करता हैं। इसके साथ ही कंप्यूटर के समस्त डेटा को इसी के माध्यम से सुरक्षित स्टोर करके रखा जाता हैं। मुख्यतः स्टोरेज डिवाइस का उपयोग या तो डायरेक्ट Motherboard के साथ लगा कर किया जाता हैं या USB Ports के माध्यम से इनको कंप्यूटर सिस्टम से जोड़ा जाता हैं। 

स्टोरेज डिवाइस के उदाहण – Examples of Storage Device

  • RAM (Random Access Memory)
  • ROM (Read Only Memory)
  • Hard Disk Drive (HDD)
  • Cloud Storage
  • Floppy Disk
  • SD Card 
  • CD (Compact Disc)
  • DVD (Digital Versatile Disc)
  • USB Flash Drive 
  • Solid State Drive (SSD)

स्टोरेज डिवाइस के प्रकार – Types of Storage Device in Hindi 

स्टोरेज डिवाइस कंप्यूटर के महत्वपूर्ण घटक होते हैं जिनका कार्य डिजिटल डेटा को स्टोर करना होता हैं। जिनके स्टोर करने के कार्यों एवं उपयोगिताओं के आधार पर दो भागों में विभाजित किया जाता हैं- प्राइमरी स्टोरेज डिवाइस और सेकंडरी स्टोरेज डिवाइस। 

1. Primary Storage Device – इसके अंतर्गत वह डिवाइस आते हैं जो सीधें तौर पर कंप्यूटर के Motherboard से जुड़े हुए होते हैं। यह डिवाइस कंप्यूटर के कार्यों में सीधें रूप से कार्य करते हैं। जिनके अभाव में कंप्यूटर डेटा स्टोर करने संबंधित कार्य नहीं कर सकता। प्राइमरी स्टोरेज डिवाइस को हम निन्न भागों में विभाजित करते हैं- 

● RAM (Random Access Memory) – रेम कंप्यूटर की Primary Memory हैं जिसे Main Memory भी कहा जाता हैं। यह एक Volatile Memory होती हैं। जिसका अर्थ हैं इसमें मौजूद डेटा अस्थायी रूप से स्टोर होता हैं अर्थात बिजली बंद या कंप्यूटर बंद होने पर इसके अंदर का मौजूद डेटा अपने आप डिलीट हो जाता हैं। 

रेम चाहें कंप्यूटर की हो या स्मार्टफोन की यह इन उपकरणों के कार्यों की गति में वृद्धि करने का कार्य करती हैं। अर्थात आपके फ़ोन या कंप्यूटर की रेम जितनी अधिक होगी। वह उतनी तेजी से Process करने में सक्षम होता हैं। यह अन्य स्टोरेज डिवाइस ही तुलना में अधिक महंगी होती हैं। अगर आपके कंप्यूटर या फ़ोन की रेम ज्यादा होती हैं तो ऐसे में आपका फ़ोन या कंप्यूटर अधिक MB या GB की फ़ाइल या एप्पलीकेशन को RUN करा पाता हैं। रेम मेमोरी को मुख्यतः 2 भागों में विभाजित किया जाता हैं- SRAM और DRAM 

● ROM (Read Only Memory) – इस प्रकार की मेमोरी का उपयोग सिर्फ डेटा को रीड करने के लिए किया जाता हैं। रोम एक Non volatile Memory हैं जिसका अर्थ हैं यह स्थायी रूप से डेटा को स्टोर करने का कार्य करती हैं। जिसमें कंप्यूटर बंद करने पर भी इसमें मौजूद डेटा स्थिर रहता हैं। यह भी कंप्यूटर की प्राइमरी मेमोरी के अंतर्गत आने वाली मेमोरी हैं। रोम रेम की तुलना में सस्ती होती हैं। 

इस प्रकार की मेमोरी का उपयोग सिर्फ स्मार्टफोन या कंप्यूटर में ही नहीं किया जाता अपितु इसका उपयोग वाशिंग मशीन, माइक्रोवेब, टीवी, AC, लिफ्ट आदि उपकरणों में भी किया जाता हैं। रोम मेमोरी को मुख्यतः 4 भागों में विभाजित किया जाता हैं- MROM, PROM, EPROM, EEPROM

Cache Memory – कैश मेमोरी कंप्यूटर या मोबाइल की सबसे तेज गति से चलने वाली मेमोरी होती हैं। यह मेमोरी CPU (Central Processing Unit) और प्राइमरी मेमोरी (RAM, ROM) के मध्य बफर का कार्य करती हैं। सामान्य शब्दों में कहें तो आप जब भी कभी किसी सूचना को इंटरनेट के माध्यम से प्राप्त करते हैं तो आपका कंप्यूटर उस सूचना को कैश मेमोरी में स्टोर कर लेता हैं। जिसके बाद आपको कभी उस सूचना की जरूरत होती हैं तो आपका सिस्टम उस पेज को पहले से तीव्र गति से खोल देता हैं। 

कंप्यूटर किसी सूचना को प्राप्त करने के लिए सबसे पहले कैश मेमोरी के पास ही जाता हैं। जिस कारण कंप्यूटर अन्य मेमोरी की तुलना में इसके माध्यम से सूचना प्राप्त करवाने में कम समय लेता हैं। कैश मेमोरी को सबसे महंगी मेमोरी के रूप में भी देखा जा सकता हैं क्योंकि इसकी प्रोसेस करने की गति अन्य की तुलना में तेज हैं। यहाँ हम इस मेमोरी को तेज इसीलिए कह रहे हैं क्योंकि CPU यूजर के द्वारा दिए गए Input की Process को सबसे पहले Cache Memory में खोजता हैं। उसके बाद ही वह RAM या ROM के पास जाता हैं। 

2. Secondary Storage Device – सेकंडरी डिवाइस के अंदर ऐसे हार्डवेयर डिवाइस होते हैं। जिनका उपयोग अतिरिक्त डेटा को अपनी आवश्यकता अनुसार स्टोर करने और स्टोर किए गए डेटा को डिलीट करने के लिए किया जाता हैं। सेकंडरी स्टोरेज डिवाइस का उपयोग अधिक मात्रा में डेटा को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता हैं। इन प्रकार के डिवाइस का उपयोग Internal और External दोनों रूपों में किया जाता हैं। सेकंडरी स्टोरेज डिवाइस (Storage Device) को मुख्यतः निम्न भागों में विभाजित किया जाता हैं- 

Hard Disk Drive (HDD) – हार्ड डिस्क एक सबसे अधिक Storage Capacity रखने वाला डिवाइस हैं जिसमें अधिकतम 20TB से 100TB तक का डेटा स्टोर किया जा सकता हैं। इस प्रकार की ड्राइव का उपयोग अधिक से अधिक डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाता हैं। हार्ड डिस्क भी एक नॉन-वोलेटाइल मेमोरी (स्थायी मेमोरी) हैं। जिसमें अधिक और लंबे समय तक अपनी आवश्यकता अनुसार डेटा को स्टोर करके रखा जा सकता हैं। 

हार्ड डिस्क की RPM (Revolution Per Minute) गति 5400 से 7200 RPM होती हैं जो इसको डेटा रीड करने और स्टोर करने की गति प्रदान करती हैं। हालांकि अगर आपकी हार्ड डिस्क अधिक पुरानी हो जाती हैं तो यह गति कम हो जाती हैं। जिससे कंप्यूटर इसके अंदर मौजूद डेटा को धीमी गति से रीड करने लगता हैं। हार्ड डिस्क को मुख्यतः 4 भागों में विभाजित किया जाता हैं- SATA, PATA, SCSI और SSD

● Cloud Storage – क्लाउड स्टोरेज को cloud computing के नाम से भी जाना जाता हैं। क्लाउड स्टोरेज एक Server में डेटा स्टोर करने की प्रणाली हैं। इसमें डेटा को स्टोर करने के लिए इंटरनेट की आवश्यकता होती हैं। इस प्रकार की स्टोरेज का उपयोग मुफ्त में भी किया जा सकता हैं और आपको इसके लिए पेमेंट भी करनी पड़ सकती हैं। जैसे- Google Drive एक Cloud आधारित स्टोरेज एप्पलीकेशन हैं। जिसका उपयोग आप 15GB तक का डेटा स्टोर करने के लिए कर सकते हैं। 

● Solid State Drive (SSD) – इसका उपयोग भी Hard Disk की ही तरह डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है। यह हार्ड डिस्क की तुलना में अधिक महंगी और हल्की होती हैं। SSD की मुख्य विशेषता यह होती हैं कि इसकी डेटा स्टोर करने और रीड करने की गति हार्ड डिस्क की तुलना में 30% अधिक होती हैं। इसके अंदर हार्ड डाक की तरह कोई आंतरिक पार्ट नहीं होते। इसके अंदर एक बोर्ड होता हैं जिसमे कई चिप लगी होती हैं। 

● CD (Compact Disc) – कॉम्पैक्ट डिस्क का अधिक उपयोग मूवी और सॉफ्टवेयर को स्टोर करने के लिए किया जाता हैं। इस डिस्क के अंदर आप 700MB तक का डेटा स्टोर किया जा सकता हैं। यह एक कम वजन वाला स्टोरेज डिवाइस हैं इसका वजन लगभग 20 ग्राम के आस-पास होता हैं। इसके अंदर मौजूद डेटा को रीड करने के लिए CD Player की आवश्यकता होती हैं। इसके मौजूद डेटा को स्टोर करने के लिए सावधानी बरतनी जरूरी होती हैं। सामान्य शब्दों में कहें तो यह एक नाजुक डिस्क हैं। 

● DVD (Digital Versatile Disc) – डीवीडी में 6 CD के बराबर डेटा स्टोर किया जा सकता हैं। आप इस डिस्क में 4.7 GB से 17.8 GB तक का डेटा स्टोर कर सकते हैं। इसका आकार भी सीडी के समान ही होता हैं किंतु यह सीडी की तुलना में अधिक पतली होती हैं। इस डिस्क का अधिक उपयोग मूवी को अपलोड करने के लिए किया जाता हैं। इस डिस्क को चलाने के लिए आपको DVD Player की आवश्यकता होती हैं। जिसकी सहायता से आप इसमें मौजूद डेटा को रीड कर सकते हैं। 

● USB Flash Drive – यूएसबी फ़्लैश ड्राइव को Pen Drive भी कहा जाता हैं। इस प्रकार की ड्राइव को CPU के पिछले हिस्से में बने USB Ports के माध्यम से कंप्यूटर पर कनेक्ट किया जाता हैं। इसके अंदर 2GB से 1TB तक के डेटा स्टोर करने की क्षमता होती हैं। यह इतनी छोटी होती हैं कि इसको आसानी से कही भी लाया या भेजा जा सकता हैं। इस प्रकार की ड्राइव में किसी डेटा को ट्रांसफर करने बेहद आसान होता हैं। 

स्टोरेज डिवाइस का उपयोग – Uses of Storage Device in Hindi 

इन डिवाइस का उपयोग किसी Window को Computer में Install करने एवं बड़ी मात्रा में Digital डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाता हैं। इसके साथ ही किसी डेटा को एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में ट्रांसफर करने के लिए भी इसका उपयोग अधिक मात्रा में किया जाता हैं। 

हम इसका उपयोग अपनी कंप्यूटर फ़ाइल का Backup तैयार करने के लिए भी करते हैं। Film सेक्टर में इन डिवाइस का उपयोग फिल्मों को रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता हैं। सामान्य शब्दों में हम कहें तो स्टोरेज डिवाइस का उपयोग डिजिटल डाटा या एप्पलीकेशन को स्टोर करने के लिए किया जाता हैं। 

निष्कर्ष – Conclusion 

आज आपने इस आर्टिकल स्टोरेज डिवाइस क्या है और विभिन्न प्रकार के स्टोरेज डिवाइस (Storage Device in Hindi) में इन महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में जाना- 

● स्टोरेज डिवाइस वह डिवाइस हैं जिनका उपयोग Digital डेटा या Applications को स्टोर करने के लिए किया जाता हैं। इन डिवाइस को Hardware डिवाइस की श्रेणियों में रखा जाता हैं। 

● स्टोरेज डिवाइस को इनके कार्यों की उपयोगिताओं के अनुसार 2 भागों में विभाजित किया जाता हैं- प्राथमिक स्टोरेज डिवाइस और द्वितीयक स्टोरेज डिवाइस। 

● प्राथमिक डिवाइस में RAM, ROM और Cache Memory को शामिल किया जाता हैं तो वही द्वितीयक डिवाइस में Hard Disk, CD, DVD, SSD आदि को शामिल किया जाता हैं। 

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